एमएसएमई-डीएफओ इंदौर द्वारा देवास में “आईपीआर” विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

देवास/ मोहन वर्मा । सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (एमएसएमई-डीएफओ), इंदौर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आईपीआर (बौद्धिक संपदा अधिकार) विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, देवास में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसएमई उद्यमियों को विभिन्न ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, डिजाइन की जानकारी प्रदान करना था।
सेमिनार में विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, उद्योग प्रतिनिधि एवं क्षेत्र के अनेक एमएसएमई उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के विशेष अतिथि जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र श्री रतन सिंह डावर महाप्रबंधक थे। उन्होंने आईपीआर में एमएसएमई क्षेत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और निर्यात क्षेत्र में इनकी सक्रिय भागीदारी से भारत की वैश्विक स्थिति और मजबूत होगी।”
सहायक निदेशक, एमएसएमई-डीएफओ इंदौर श्री राज कुमार मोहनानी ने भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय द्वारा उपलब्ध आईपीआर सहायता योजनाओं पर प्रस्तुति दी और बताया कि कैसे मंत्रालय की योजनाएँ लघु उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद करती हैं। इस अवसर पर डॉ आशिमा जोशी डायरेक्टर, प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट एवं लघु उद्योग भारती से समीर मुद्रा, सतीश मुकाती, प्रतीक गुप्ता, विजेंद्र, सुभाष शिंदे ने भी आईपीआर के बारे में जानकारी दी। इस दौरान श्री राकेश सोनी, पेटेंट अटॉर्नी ने आईपीआर के कंपोनेंट्स जैसे ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, पेटेंट एवं डिजाइन के रजिस्ट्रेशन और उससे जुड़े लाभों के बारे में जानकारी दी।

