मल्हार स्मृति मंदिर में खुशबू लुटा रहे रंग बिरंगे फूल /पुष्प प्रदर्शनी का आज हुआ शुभारंभ-कल समापन

देवास/ मोहन वर्मा । मल्हार स्मृति मंदिर में 14 फरवरी को दो दिवसीय पुष्प मेले का शुभारंभ एडीएम शोभाराम सोलंकी के कर कमलों से हुआ। इस वर्ष पुष्प मेले में फूल पौधों को एक उद्यान जैसा रूप देकर सजाया गया है। इस वर्ष भी पुष्प मेले में अनेक प्रकार के फूल आए है, दुर्लभ फूल में बर्ड ऑफ पेरेडाइज देखने को मिल रहा है और मौसमी फूल डेहलिया, पिटुनिया, पेंजी, डायन्थस, फॅ्लाक्स, वर्बिना, सेवंती, झिनिया, इम्पेशन, बिगोनिया, क्रायसेंथेमम, साल्विया, केलेन्चो है तो पन्सेटिया आदि भी अपना रंग बिखेर रहे है। ऑनामेंटल प्लांट में क्रिसमस ट्री, अरेलिया, ड्रेसिना, क्रोटन, डफन बेेकिया, एग्लोनिमा, एरिकापाम, पॉम पॉम चम्पा मेले की शोभा बढ़ा रहे है। फूलों का राजा तो हमेशा की तरह अनेक रंग रूप में आया है। इस मौसम में एडिनियम, एन्थुरियम भी फूलों के साथ दिख रहे है।

गजरा गियर्स, किर्लोस्कर ब्रदर्स के पुराने बोन्साई भी है। श्रीमती परासिया के मिनिएचर लेण्ड स्केप पौधों को मोर आदि जैसे भिन्न भिन्न आकार में बनाकर रखा है। श्रीमती मंगला एवं शेकटकर द्वारा शिवरात्रि के उपलक्ष्य में फूलों के रंग शिवरात्रि के संग थीम पर सजावट की है पुष्प बंगला। पुष्प मेले का एक मुख्य आकर्षण गार्डन्स एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य अमिताभ तिवारी के बनाए मिनिएचर गार्डन और बोन्साई की तो बात ही कुछ और है। इनकी इस वर्ष की थीम जंगल है, जंगल में प्रसिद्ध केवडिया पहाड भी देखा जा सकता है। एक पहाड़ में से ट्रेन भी चलती दिखती है।

ग्रीन स्कुल अवार्ड वाली सेंट थॉम एकेडमी अपने फूलों, पौधों से दिखा रहा है कि ग्रीन स्कूल क्या होता है, जल संवर्धन का महत्व क्या है। श्रीमती काले, श्रीमती घार्गे अपने पेड पौधों, फूलों से संदेश दे रही है कि थोड़ी से जगह में बहुत कुछ किया जा सकता है। इस वर्ष के मुख्य प्रतिभागी गजरा गियर्स, सेनथाम अकादमी, सनफार्मा, क्यूमिन्स टर्बो टेक्नालाजी, गजरा डिफरेंशियल, ग्रेबियल, एसोसिएशन आफ इंडस्ट्रीज, मगध प्रिसिजीन, मंगला पम्पस, वंदना पलासिया, संध्या काले, अमिताभ तिवारी, हरीनाक्शी घार्गे है। यह प्रदर्शनी रविवार 15 फरवरी को भी शाम 5 से रात्रि 9 बजे तक पुष्प प्रेमियों के लिए खुली रहेगी।

