संविधान प्रदत्त आज़ादी का सम्मान करें- कहा ब्रह्म दीप अलूने ने

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संविधान प्रदत्त आज़ादी का सम्मान करें.                        कहा ब्रह्म दीप अलूने ने

संविधान दिवस पर कृष्णाजी राव महाविद्यालय में हुई विभिन्न गतिविधियां

देवास/मोहन वर्मा । उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस श्री कृष्णाजीराव पवार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय देवास में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ एवं आई क्यू ए सी के तत्वावधान में संविधान दिवस 26 नवम्बर के उपलक्ष्य में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई।
संविधान दिवस पर हुए विशिष्ट व्याख्यान में मुख्य वक्ता डॉ ब्रह्मदीप आलूने ,प्राचार्य शासकीय आदर्श महाविद्यालय विदिशा ,विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष मनीष पारीक,समाजसेवी एवं पत्रकार मोहन वर्मा,कार्यक्रम के अध्यक्ष महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर एसपीएस राणा राजनीति  विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष  डॉक्टर आरके मराठा  आईक्यूएसी  प्रभारी कैप्टन  डॉक्टर संजय गाडगे एवं डॉ. लता धुपकरिया ने मंच साझा किया ।

मुख्य वक्ता डॉ ब्रह्मदीप अलूने  ने अपने उद्बोधन में संविधान निर्माण की विकास यात्रा से अवगत कराते हुए संविधान के विभिन्न पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि  किस तरह हमारे देश का संविधान अन्य देशों के संविधान ,की तुलना में हमें   स्वतंत्रता  एवं अधिकारों के साथ गरिमामयी  जीवन जीने की आजादी देता है भारत के नागरिक होने के नाते हमारा यह कर्तव्य है कि संविधान के द्वारा प्रदान इस आजादी का हम सम्मान करें।
विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय जानभागीदारी समिति के अध्यक्ष मनीष पारीक ने अपने उद्बोधन में बताया कि  हमारे देश का संविधान विश्व  मे सर्वाधिक व्यापक संविधान है जिसने संपूर्ण राष्ट्र को अनेक  विभिन्नताओं के बावजूद एकता के सूत्र में बांधा   हुआ है। अध्यक्ष उद्बोधन  में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर एसपीएस राना ने बताया कि संविधान समस्त कानूनो  का स्रोत है और किस तरह एक अधिनियम कानून बनता है। भारत का नागरिक होने के नाते हमारी  जिम्मेदारी है हम सभी संविधान का अध्ययन करें। स्वागत भाषण डॉक्टर सीमा सोनी मैडम के द्वारा दिया गया अतिथि परिचय प्रोफेसर रजत राठौर के द्वारा दिया गया । कार्यक्रम के अंत में संविधान की उद्देशिका का सामूहिक वाचन किया गया ।संविधान दिवस के उपलक्ष में इसी श्रंखलाा में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के द्वारा प्रश्न मंच एवं स्लोगन प्रतियोगिता भी  आयोजित की  गयी। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर लता धुपकरिया  के द्वारा किया गया एवं आभार प्रदर्शन डा. ममता लावरे  ने किया। कार्यक्रम  में समस्त महाविद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों की गरिमामयी  में उपस्थिति रही।

इसी तरह  प्राचार्य डॉ. एस.पी.एस. राणा के मार्गदर्शन में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ के त्रैमासिक केलेण्डर अनुरूप संविधान दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया। भारतीय संविधान पर केन्द्रित प्रश्नमंच प्रतियोगिता में प्रथम संकल्प सोलंकी, द्वितीय विजय कलेशरिया तथा तृतीय खुशबू वर्मा रही। इसी प्रकार मौलिक अधिकार विषय पर रखी गई स्लोगन प्रतियोगिता में कोमल सोनी प्रथम, छाया परमार द्वितीय तथा नीतेश अहिरवार एवं गुलनार अली तृतीय स्थान पर रहे। भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. ममता झाला, समिति सदस्य डॉ.रश्मि ठाकुर, डॉ. सत्यम सोनी, डॉॅ. माया ठाकुर, डॉ. सीमा सोनी, डॉ. लता धूपकरिया, डॉ, रजत राठौर, डॉ. ममता लावरे, डॉ. प्रतिमा रायकवार, डॉ. भारती कियावत, डॉ. नीरज जैन के विशेष सहयोग से समस्त गतिविधियां सुचारू रूप से संपन्न हुई

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