डॉक्टरों ने पसली की हड्डी से बनाया नया कान/ निःशुल्क हुई जटिल सर्जरी; अमलतास के डॉक्टरों ने रचा नया कीर्तिमान

देवास/ मोहन वर्मा । जन्म से ही एक कान के बिना पैदा हुई 7 वर्षीय मासूम बच्ची को अब नई पहचान और नया आत्मविश्वास मिला है। अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल देवास के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने एक बेहद जटिल सर्जरी के माध्यम से बच्ची का नया कान बनाकर चिकित्सा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
संस्थान के सुप्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन डॉ. राहुल यादव ने बताया कि यह जन्मजात कान की विकृति, जिसे चिकित्सा विज्ञान में ‘माइक्रोटिया’ (Microtia) कहा जाता है, का एक अत्यंत जटिल मामला था। हमारी टीम ने बच्ची की छाती की पसली (रिब कार्टिलेज) से ऊतक (टिश्यू) लेकर नया कान तैयार किया और सफलतापूर्वक उसका पुनर्निर्माण (Reconstruction) किया। आधुनिक तकनीक और अनुभवी सर्जनों डॉ.राहुल यादव, डॉ. अर्पिता , डॉ. अरविन्द , डॉ. दीक्षा, डॉ .राजा के बेहतरीन टीमवर्क से की गई यह सर्जरी पूरी तरह सफल रही है. डॉ. द्वारा बताया गया कान का पुनर्निर्माण एक लंबी और धैर्यपूर्ण प्रक्रिया है। यह पूरी प्रक्रिया कुल तीन चरणों (3 Stages) में संपन्न होगी, जिसमें लगभग एक वर्ष का समय लगेगा। पहले चरण में पसली की हड्डी से कान का ढांचा तैयार कर उसे प्रत्यारोपित किया गया है। अगले चरणों में कान की बनावट को और अधिक प्राकृतिक रूप और गहराई दी जाएगी।”
अमलतास अस्पताल में ‘आयुष्मान भारत योजना’ के अंतर्गत उन्हें एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ा। इतनी बड़ी राहत मिलने पर भावुक परिजनों ने मध्य प्रदेश शासन, केंद्र सरकार और डॉक्टरों की टीम का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बच्ची को अब एक नई मुस्कान और बेहतर भविष्य मिल गया है। अस्पताल प्रबंधन ने भी इसे चिकित्सा जगत और संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया।
इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सफलता पर अमलतास ग्रुप के चेयरमैन श्री मयंकराज सिंह भदौरिया एवं प्रबंधन ने डॉक्टरों की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा, “जन्मजात कान विकृति से पीड़ित बच्ची को सफल पुनर्निर्माण सर्जरी के माध्यम से नया जीवन और आत्मविश्वास देना वास्तव में गर्व का विषय है। यह सफलता हमारे संस्थान की उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं, आधुनिक तकनीक और समर्पित डॉक्टरों की कड़ी मेहनत का प्रतीक है। हम भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ समाज को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”


