प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च ,देवास में “स्वस्थ शरीर एवं शांत मन के रहस्य” विषय पर हुई कार्यशाला

देवास/ मोहन वर्मा । प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च , देवास में “थ्री फिंगर तकनीक के माध्यम से स्वस्थ शरीर एवं शांत मन के रहस्य” विषय पर एक ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को समग्र स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं मानसिक संतुलन के प्रति जागरूक करना था।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. सुधीर खेतावत, संस्थापक एवं अध्यक्ष, इंस्टीट्यूट ऑफ होलिस्टिक मेडिसिन, इंदौर रहे। वे भारत में समग्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स एवं गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। उन्हें भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम एवं श्रीमती प्रतिभा पाटिल द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

सत्र के आरंभ में डॉ. सुधीर खेतावत ने प्रेस्टीज एजुकेशन फ़ाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. डेविश जैन के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें प्रेस्टीज परिवार के साथ अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च , देवास की डायरेक्टर प्रो. डॉ. आशिमा जोशी की नेतृत्व क्षमता की भी सराहना करते हुए उन्हें एक सच्चा मार्गदर्शक बताया, जो संस्थान के प्रत्येक सदस्य का ध्यान रखती हैं।
कार्यशाला के दौरान डॉ. खेतावत ने थ्री फिंगर तकनीक के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया तथा इसके शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों के लिए लाइव ट्रीटमेंट सत्र भी आयोजित किए, जिनमें प्रतिभागियों ने तुरंत राहत का अनुभव किया।
डॉ. खेतावत के साथ उनकी विशेषज्ञ टीम के सदस्य डॉ. अनीता ठाकुर, डॉ. श्वेता विश्वकर्मा एवं डॉ. जसप्रीत कौर भी उपस्थित रहे। डॉ. अनीता ठाकुर, जो एक प्रसिद्ध हिप्नोथेरेपिस्ट, योग प्रशिक्षक, एक्यूप्रेशर एवं सुजोक थैरेपी विशेषज्ञ तथा लाइफ कोच हैं, ने भी समग्र चिकित्सा एवं मानसिक स्वास्थ्य पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम का संचालन सुश्री निकिता अग्रवाल द्वारा किया गया, एवं आभार कार्यक्रम समन्वयक सुश्री अर्चना राजपूत ने माना ।

