देवास के हिस्से का पानी माँगलिया को देने के मुद्दे पर राजनीति जारी मगर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीँ

देवास के हिस्से का पानी माँगलिया को देने के मुद्दे पर
राजनीति जारी मगर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीँ

(  मोहन वर्मा  )
देवास/ बीते कुछ समय से देवास में पानी को लेकर हाहाकार मचा है । देवास नगर निगम द्वारा एक प्रस्ताव पारित कर शिप्रा बैराज से मांगलिया को पानी देने के मुद्दे को लेकर देवास की राजनीति उबाल पर है । चौतरफा विरोध के बीच इस मामले में दो दिन पहले महापौर ने एक प्रेस वार्ता बुलाई थी जिसमें महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल,आयुक्त दलीप कुमार, विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल,सभापति रवि जैन के साथ निगम में सत्ता पक्ष नेता मनीष सेन ने अपनी बात रखते हुए मामले पर विस्तार से जानकारी दी और कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया था । मगर गौरतलब बात ये रही कि वार्ता में सभी असहज नजर आये ।

आज इस मामले में काग्रेस नेता प्रदीप चौधरी ने प्रेस वार्ता कर कहा कि यह जन हित का मुद्दा है और देवास का पानी दूसरे शहर को दिये जाने का हम विरोध करते है । वार्ता के दौरान ही प्रदीप चौधरी ने इस मुद्दे पर विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार से फोन पर चर्चा की और एक नागरिक के नाते अपनी बात रखते हुए उनसे हस्तक्षेप की माँग की,जिसपर विधायक ने आश्वस्त किया कि सारे मामले पर उनकी नजर है और किसी भी स्थिति में देवास का पानी किसी को नहीं दिया जायेगा । प्रदीप चौधरी ने फोन पर सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी से भी बात कर उन्हें भी स्थिति से अवगत करवाया जिसपर सांसद जी का कहना था शहर हित के मुद्दे पर मैं हमेशा जनता के साथ खड़ा हूँ  ।

कांग्रेस की प्रेस वार्ता और जमीनी मुद्दों पर हमेशा आगे रहने वाले नेता प्रदीप चौधरी के इस मुद्दे पर भी आक्रमक तेवर के बावजूद कांग्रेस में मतभेद नजर आये क्योंकि कांग्रेस के ही एक और जुझारू नेता रितेश त्रिपाठी अपने सहयोगियों के साथ जहां शहर में इस मुद्दे पर हस्ताक्षर अभियान चला रहे है वे खुद इस जरूरी प्रेस वार्ता से नदारद नजर आये जो काग्रेस की एकजुटता पर सवाल खड़े करते नजर आये ।
इधर रितेश त्रिपाठी ने महापौर को एक पत्र लिखकर पूछा कि- आपने उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आपने माननीय मंत्री सिलावट जी के द्वारा जो न्यूज़ प्रकाशित की गई थी की मांगलिया को जितना पानी देंगे उसके अतिरिक्त हम देवास को पानी देंगे तो आपने ये स्पाट नहीं करा की कितना पानी देंगे और आपने आखिर इस विषय पर चर्चा क्यों नहीं की?
मांगलिया को पानी दो लेकिन देवास नगर निगम का देवास का क्षिप्रा बेराज ही क्यों ? बैराज के आगे जो स्टॉप डैम बनने वाला है वहाँ से ले पानी? NVDA वहाँ उनको नया आउटलेट खोल दे आख़िर क्षिप्रा बैराज पर ही दबाव क्यों?निगम देवस को NVDA के पानी के मिले बिल को माफ़ी को आपके द्वारा लिखे गए पत्र को सार्वजनिक करे?
आपके द्वारा राज्य शासन को NVDA जिस दर पर नगर निगम देवास को पानी दे रहा है उन दरों के संबंध में आपने राज्य शासन को लिखे गए पत्रों को सावजनिक करे?
आपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वर्षा जल संचय के उपयोग को लेकर तय की गई दरों को लेकर भी आपने कोई चर्चा ही नहीं करी और अगर चर्चा करी है तो किस दर पर मांगलिया ग्राम पंचायत आपको पैसे देगी?मांगलिया ग्राम पंचायत और नगर निगम देवास के बीच में आपके द्वारा कहा गया है की अनुबंध नहीं हुआ है तो हमारा भी आपसे यही कहना है की आप देवास नगर के हित में अनुबंध ना करे ?

उल्लेखनीय है कि देवास के हिस्से का पानी माँगलिया को दिये जाने के अनुबंध,एमआयसी की बैठक में पारित प्रस्ताव, मंत्री तुलसीराम सिलावट के बयानों,प्रेस वार्ता में महापौर, आयुक्त,सभापति सफाई के बावजूद मामला पेचीदा नजर आ रहा है । शहर की और शहरवासियों की चिंता यही है कि पानी जैसे गम्भीर मुद्दे पर खासकर देवास के हिस्से का पानी किसी और को दिये जाने की बात पर जनप्रतिनिधियों को स्थिति स्पष्ट करना चाहिये ।

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