भागवत कथा से चैन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश/ 7 शातिर आरोपी गिरफ्तार, 9 वारदातों का खुलासा- 50 लाख की संपत्ति ज़ब्त

( मोहन वर्मा )
देवास पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत एक अंतरराज्यीय संगठित चेन स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह में 4 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। सभी आरोपी मूलतः तमिलनाडु के निवासी हैं तथा लंबे समय से दिल्ली में रह रहे थे। आरोपियों ने जून माह के मात्र 15 दिनों में आगरा, ग्वालियर, शिवपुरी, भेड़ाघाट (जबलपुर) और देवास में कुल 9 वारदातों को अंजाम दिया। देवास में की गई वारदात इस गिरोह की नौवीं घटना थी। पुलिस ने घटना के तीन दिनों के भीतर सभी आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 सोने की चेन, एक लग्जरी कार, महंगे स्मार्टफोन एवं नकदी सहित लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की है।

पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने बताया कि दिनांक 11 जून 2026 को फरियादिया श्रीमती सरोज अग्रवाल, पति श्री नरेंद्र अग्रवाल, उम्र 60 वर्ष, निवासी यशवंतगंज, देवास ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 10 जून 2026 को मंडी व्यापारी एसोसिएशन धर्मशाला, ए.बी. रोड, देवास में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भीड़भाड़ का फायदा उठाकर अज्ञात महिला ने उनके गले से लगभग 3.50 लाख रुपये मूल्य की सोने की चेन एवं पेंडल चोरी कर लिया।
रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 386/2026, धारा 304(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत शहर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों के सैकड़ों फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया।
जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी लगभग 500 मीटर पैदल चले, फिर ऑटो से करीब 2 किलोमीटर दूर हाईवे पहुंचे और वहां खड़ी अपनी लग्जरी कार में सवार होकर फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों को भोपाल तक ट्रेस किया और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर गिरोह के सभी 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने देवास सहित विभिन्न शहरों में चेन चोरी की कई घटनाएं करना स्वीकार किया। गिरोह की महिला सदस्य धार्मिक आयोजनों, भागवत कथा, प्रवचन, मेलों, शोभायात्राओं और अन्य भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में श्रद्धालु बनकर शामिल होती थीं। आरोपी अपनी कार को आयोजन स्थल से दूर खड़ी करते थे और ऑटो या पैदल कार्यक्रम स्थल तक पहुंचते थे। प्रसाद वितरण अथवा भीड़भाड़ के दौरान महिलाएं श्रद्धालुओं के निकट पहुंचकर बड़ी सफाई से उनके गले से सोने की चेन निकाल लेती थीं। वारदात के तुरंत बाद आरोपी अलग-अलग दिशाओं में निकल जाते थे ताकि किसी को संदेह न हो। गिरोह के पुरुष सदस्य निगरानी, परिवहन और चोरी के माल को ठिकाने लगाने का कार्य करते थे।
आगामी वारदातों की योजना का खुलासा
आरोपियों के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच में विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाले धार्मिक, सामाजिक एवं सार्वजनिक आयोजनों की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह इन आयोजनों में पहुंचकर महिलाओं के सोने के आभूषणों को निशाना बनाने की योजना बना रहा था।
आरोपियों के मोबाइल से प्राप्त डेटा के आधार पर संबंधित राज्यों की पुलिस को आवश्यक जानकारी साझा की जा रही है। इसके अनुसार गिरोह आगामी माहों में देश के कई शहरों में होने वाले तकरीबन 30 धार्मिक आयोजनों में घुसपैठ कर जेवर चोरी की योजना पर काम कर रहा था ।
गिरफ्तार आरोपी:
जया, उम्र 55 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली (मुख्य सरगना) ज्योति, उम्र 30 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली
मगमा, उम्र 40 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली
देवी, उम्र 40 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली
देवेंद्र, उम्र 40 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली
रवि, उम्र 36 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली
राहुल, उम्र 30 वर्ष, निवासी दक्षिण दिल्ली
उक्त सभी आरोपी मूलतः तमिलनाडु के निवासी हैं।
आरोपियों के विरुद्ध दिल्ली, मुंबई और हरियाणा में चोरी एवं लूट के कुल 6 प्रकरण दर्ज पाए गए हैं।
आरोपियों से चोरी की गई 9 सोने की चेन (कुल वजन लगभग 156 ग्राम) अनुमानित कीमत: लगभग 26 लाख रुपये
घटना में प्रयुक्त टाटा हेक्सा कार, कीमत लगभग 20 लाख रुपये,वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन, कीमत लगभग 4 लाख रुपये,नकद 3,500 रुपये
कुल जब्त संपत्ति का मूल्य लगभग 50 लाख रुपये है।
देवास पुलिस नागरिकों ने नागरिकों से अपील की है कि धार्मिक आयोजनों, मेलों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने कीमती आभूषणों एवं सामान की सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्कता बरतें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल-112 अथवा निकटतम पुलिस थाने को दें।

