सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत कानून जानो, बचपन बचाओ थीम पर इनोवेटिव पब्लिक स्कूल में आयोजित हुआ विधिक साक्षरता/जागरूकता शिविर

देवास। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण,राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश अनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास के तत्वावधान में इनोवेटिव पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल, देवास में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा, कानून एवं समाज में व्याप्त बाल अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के प्रति संवेदनशील बनाना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कपिल मेहता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, देवास’ उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में नरेंद्र पटेल जिला न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवास तथा अभिषेक गौड़ जिला न्यायाधीश ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की। सर्वप्रथम अतिथियों का स्वागत चंद्रपाल सिंह सोलंकी (सचिव जिला अभिभाषक संघ देवास ), प्राचार्य सय्यद मक़सूद अली, उपप्राचार्य शबीना सय्यद ने किया। अतिथि परिचय एवं स्वागत भाषण चंद्रपाल सिंह सोलंकी (सचिव जिला अभिभाषक संघ देवास ) द्वारा प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री मेहता ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित बचपन और उनका सर्वांगीण विकास समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक बच्चे को भयमुक्त वातावरण, शिक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना संकोच अपने अभिभावकों, शिक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने की बात कही उन्होंने बच्चों को भले आप किसी भी क्षेत्र में जाओ पर अपना एक गोल निर्धारित करने ओर उस पर फोकस करने को कहा, मोबाइल फोन मैं बहुत सारे सोशल एब्स होती है उसका उपयोग हम हमारा ज्ञान प्राप्त करने ओर नॉलेज है गेन करने के लिए करेंगे तो अच्छा रहेगा। जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नरेंद्र पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सुरक्षित बचपन अभियान की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह निषेध कानून, बाल श्रम, साइबर अपराध एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले विभिन्न प्रकार के शोषण से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों एवं कानून की जानकारी देना समय की आवश्यकता है। जागरूकता के माध्यम से ही बच्चों को शोषण और अपराधों से सुरक्षित रखा जा सकता है। जिला न्यायाधीश अभिषेक गौड़ ने अपने उद्बोधन में कहा कि कानून केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने का माध्यम नहीं है, बल्कि कानून की जानकारी समाज को अपराधों से बचाने और सुरक्षित रखने का भी महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने बच्चों को सायबर अपराध,अच्छे-बुरे स्पर्श की पहचान, अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया एवं आवश्यक आपातकालीन सहायता नंबरो की जानकारी प्रदान की । कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, बाल विवाह की रोकथाम, बाल श्रम उन्मूलन एवं पॉक्सो कानून जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की गई। अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह स्वरुप पौधे सय्यद मक़सूद अली, मिर्ज़ा मुशब्बीर बैग एवं सदाकत अली ने भेंट किए। कार्यक्रम का संचालन सय्यद सदाकत अली ने किया एवं आभार सय्यद मक़सूद अली ने माना। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा अधिकारी दिलीप सिंह मुजालदा, मयंक यादव सहित विद्यालय का स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।


