बेतरतीब विकास का शिकार-अपना शहर. (1)
महापौर के ड्रीम प्रोजेक्ट पर हर तरफ खुदा शहर
और परेशान नागरिक
(मोहन वर्मा-देवास समाचार)

देवास विधानसभा क्षेत्र भाजपा का गढ़ है। 1990 से अब तक यानि बीते 36 सवालों से देवास विधानसभा क्षेत्र में भाजपा जीतती रही है।इसके अलावा वर्तमान में जिले की पांचों सीटें पर भी भाजपा ही काबिज है । नगरनिगम पर भी भाजपा का ही कब्जा है और फिर प्रदेश में और देश में भी भाजपा का एक छत्र राज है। ऐसे में समझा जा सकता है कि यदि जिम्मेदार इस शहर का विकास चाहते तो शहर की सूरत और सीरत क्या से क्या हो सकती थी..मगर…
पचास बरस पहले अखबारों के माध्यम से नाचीज़ ने कई बार शहर के मुख्य मार्ग एम जी रोड के चौड़ीकरण को लेकर सवाल उठाए थे । बाद वक़्त में एक बार तत्कालीन जिलाधीश गौरीसिंह ने एम जी रोड के चौड़ीकरण का बीड़ा उठाया था मगर अनेक कारणों से वो प्रोजेक्ट आगे नहीँ बढ़ सका । सब जानते हैं कि शहर में बढ़ती जनसंख्या,मुख्य मार्ग पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण एमजी रोड की स्थिति ये थी कि एक साथ दो चौपहिया वाहनों के आ जाने से और बार बार जाम लगने से पैदल तक चलना मुश्किल हो जाता रहा है । तीज त्यौहारों पर तो सयाजी द्वार से लेकर तहसील चौराहे और नावलटी चौराहे से सुभाष चौक तक यातायात की स्थिति सबसे बुरी होती रहती.
बहरहाल बिल्ली के भाग से छींका टूटा और बीते नवंबर से महापोर के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में शहर के चौड़ीकरण का श्रीगणेश हुआ..बड़े बड़े सपने.ए आई निर्मित सुन्दर सुन्दर फोटो.. लोगों को गुलाब के फूल देकर स्वैच्छिक अतिक्रमण हटाने का आग्रह और फिर जेसीबी के साथ ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में शहर के चौड़ीकरण का श्रीगणेश हुआ..
बीते नवंबर से शुरू चौड़ीकरण ने शहर के मुख्य मार्ग की दशा और दिशा ही बदल दी। कभी लोगों का विरोध तो कभी राजनैतिक दबाव,कभी काम की कछुआ चाल तो कभी मौसम आज हालत ये है कि व्यवसायी व्यापारी चौपट धंधों से परेशान है और नगर निगम ठेकेदारों के ढीले रवैये से..आयुक्त ने बीते दिनों स्थिति का मुआयना करने के बाद ठेकेदार की ढीले काम के कारण क्लास भी ली और दण्ड स्वरूप पाँच लाख की पेनल्टी भी लगाई ।

आज सयाजी द्वार से लेकर जनता बैंक तक आने जाने में लोगों को नानी याद आ रहीं हैं । बदहाल सड़कों पर दोनों तरफ नालियों की ख़ुदाई, बीच में मिट्टी के ढेर और उसपर बरसात की शुरुवात में वाहन चालकों को तो छोड़िए पैदल चलना दूभर हो रहा है । विशाल कुल्फी फिर आगे तहसील चौराहा,पीपली बाजार,नावलटी चौराहे से सुभाष चौक कहाँ कौन सा रास्ता खुदा है नागरिकों को तो ठीक ख़ुदा को भी नहीँ मालूम ।
थोडी सी बारिश में ही बदहाल स्थिति देखनी हो तो ज्वैलर्स बाजार से सुभाष चौक, तीन बत्ती,तहसील चौराहे से लेकर कहीं भी देख लीजिए. मगर हाँ देखने के लिए कीचड़ पानी,जाम और कहीँ भी खुदे रास्तों में फंसने की परेशानी के साथ जाना होगा । चौपट धंधों और जेसीबी की मार से परेशान व्यापारी समझ नहीं पा रहे है कि बीते नवंबर से शुरू हुआ प्रोजेक्ट कब पूरा होगा । इधर बारिश की शुरुआत उधर सामने आते त्योहार के बीच बेतरतीब विकास का शिकार एम जी रोड का ड्रीम प्रोजेक्ट कब पूरा होगा राम जाने..


