देवास पुलिस की गिरफ्त मे डिजीटल अरेस्ट का संगठित गिरोह/ऑपरेशन सायबर के तहत की गई बड़ी कार्यवाही

देवास/मोहन वर्मा । देवास पुलिस ने डिजीटल अरेस्ट का डर बताकर जिले के सतवास निवासी एक सेवानिवृत्त अध्यापक से 20,81,382/ ठगने के प्रयास में लगे एक संगठित गिरोह के सदस्यों को गिरफ्त में लेने में सफलता पाई है ।
दिनांक 27 जून 2025 को आवेदक प्रमोद गौर निवासी सतवास ने सायबर फ्रॉड के ज़रिए 20,81,382/-रुपये ठगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी । जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए ज़िला सायबर सेल देवास द्वारा एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज की गई । आरोपीयो की धरपकड़ हेतु पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद के मार्गदर्शन में एवं अति. पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमति सौम्या जैन के निर्देशन एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कन्नौद श्री आदित्य तिवारी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
फरियादी एक सेवानिवृत्त व्यक्ति है । 24 जून 2025 के लगभग 3 बजे दोपहर में उनके पास एक कॉल आया जिसने बताया कि वह सीनियर पुलिस आफिसर कोलाबा पुलिस स्टेशन मुंबई से होना बताया और कहा की नरेश गोयल के साथ मनी लांड्री केस में आप सम्मिलित हैं एवं केनरा बैंक मुंबई में आपका खाता संचालित हैं जिसकी सीबीआई जांच आपके विरूद्ध चल रही हैं जिसके सुप्रीम कोर्ट के नोटिस आपको वाट्सएप पर भेजने का बताया गया। फिर फरियादी ने अपने वाट्सएप पर सभी दस्तावेजो को देखने के बाद, फरियादी को वाट्सएप पर विडियो कॉल किया और सीबीआई चीफ आकाश कुलहरि बनकर वीडियो काल पर बात की। जिसके बाद उन्होने फरियादी को सीबीआई व पुलिस का डर दिखाकर डरा धमकाकर वाट्सएप वीडियो कॉल के जरिये तक डिजीटल अरेस्ट कर कहा कि आपके खाते में जितनी भी राशी हैं वह सुप्रीम कोर्ट वेरिफिकेशन करना चाहती है का बोलकर फरियादी से विभिन्न अज्ञात बैंक खातो मे आरटीजीएस के माध्यम से धोखाधड़ी कर बड़ी राशी डलवाई ।
शिकायत की जाँच करते पता लगा कि आपराधीयो द्वारा टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर अच्छा कमीशन देने का लालच देकर बैंक खातो मे फ्रॉड की गई राशी की लेन-देन करने हेतु लोगो के बैंक खातो को किराये पर लिया । तकनीकी साक्ष्य को सुक्ष्मता से अध्ययन करते हुए कई बैंक खाते खंगालने उपरांत आरोपीयो का इन्दौर, दिल्ली व महाराष्ट्र का होना पाया गया। आरोपीयो की धड़पकड़ हेतु गठित की गई विशेष टीमो ने सफलतापुर्वक अलग-अलग राज्यों से 2100 किलोमीटर दिल्ली, हरियाणा(पंचकुला), महाराष्ट्र(सांगली), इन्दौर(म.प्र.) से 06 आरोपीयों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय कन्नौद जिला देवास में पेश किया गया। आरोपीयो से पुछताछ में मालूम हुआ कि बैंक खातो का उपयोग करने हेतु एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिये हवाई सफर का उपयोग करते थे। अभी तक की विवेचना मे पाया गया की उक्त आरोपीयों की देवास जिले के अन्य लगभग 37 जगह, विभिन्न राज्यो में शिकायत दर्ज है।
➡️ थाना सतवास एवं सायबर सेल देवास द्वारा सायबर अपराधियों पर की गई कार्यवाही ।
➡️ धोखाधड़ी की राशी – 20,81,382/-
➡️ सीबीआई पुलिस आफिसर बन कर डिजिटल अरेस्ट कर मनी लांड्रीग केस में सम्मिलित होने का डर दिखाकर विभिन्न बैंक खातो में राशि डलवाने वाले साइबर गिरोह के लोगो को दिल्ली (NCR), इंदौर (M.P.) एवं सांगली (Maharashtra) राज्य से 06 आरोपियों को किया गिरफ्तार ।
*आरोपीयो के नाम
1) सोमेश्वर उर्फ सोम उर्फ सेमीनाम उर्फ सैम पिता शेखर निनानिया उम्र 28 वर्ष निवासी जी/एफ पोल नंबर 232 गली नंबर 7 ग्राम दिनदारपुर नजफगढ, शिवमंदिर चौपाल के पास दक्षिण पश्चिम दिल्ली
2) संजय उर्फ संजू उर्फ वैम्पायर पिता शेखर निनानिया उम्र 30 वर्ष निवासी म.नं.41 गली नंबर तीन हनुमानपुरी मोदी नगर जिला गाजियाबाद ।
3) गौरव उर्फ रितिक उर्फ लाला उर्फ गुप्ताजी पिता सत्यनायायण चौहान उम्र 24 वर्ष निवासी वार्ड क्र.15 भगत सिंह कालोनी जावद जिला नीमच ।
4) हर्ष उर्फ पीटर बॉस पिता नरेन्द्र प्रजापत उम्र 23 वर्ष निवासी म.नं. 05 कुम्हार मोहल्ला, अंतिम चौराहा थाना मल्हारगंज इंदौर ।
5) ऋषिकेश पिता संजय पंवार उम्र 23 साल निवासी रेवानगर, थाना विटा जिला सांगली महाराष्ट्र ।
6) सुनील उर्फ सागर पिता हिम्मतसिंह जाधव उम्र 26 साल निवासी ग्राम तांदलगांव थाना विटा जिला सांगली महाराष्ट्र ।
आरोपीयों से जप्त सामग्री
1. आरोपियों से कुल 10 मोबाइल, एक टेबलेट, एक लेपटॉप, एक पासबुक,04 ATM Card
2. ₹ 11,61,956/- होल्ड करवाई गई राशि जप्त की गई

पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीँ होता है सिर्फ लोगों को जागरूक होने की जरुरत है । अपनी निजी जानकारियां किसी से भी शेयर ना करें और शंका होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें
उल्लेखनीय है कि देवास पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद द्वारा 360-पुलिसिंग के अन्तर्गत ज़िलेवासियों को सायबर फ्रॉड से राहत प्रदान करने हेतु “ऑपरेशन सायबर” प्रारंभ किया है इस अभियान के अंतर्गत सर्वप्रथम ज़िला स्तरीय सायबर सेल के माध्यम से प्रत्येक थाना पर पदस्थ दो-दो पुलिसकर्मियों को “सायबर-मित्र” के रूप में चिह्नित कर उन्हें सायबर फ्रॉड संबंधी मामलों में त्वरित कार्यवाही हेतु प्रशिक्षित किया गया है ।
*उक्त सराहनीय कार्य-* में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कन्नौद – श्री आदित्य तिवारी, थाना प्रभारी सतवास श्री बी.डी.बीरा., उनि सरदार मंडलोई, प्र.आर.गणेश रावत, आर.राजेन्द्र सिंह राजपूत, दिव्य राठौर, अनिल भाभर, घनश्याम परमार, शुभम, ईश्वर बिश्नोई, थाना हरणगांव प्रभारी उनि अभिषेक सिंह सेंगर, थाना खातेगांव प्र.आर सुनील प्रजापत,आर. सोहन जाट,विशेष भूमिका सायबर सेल देवास से उनि यश नाईक,प्रआर सचिन चोहान,शिवप्रताप सिंह सेंगर, आर. योगेश कदम, युवराज सोलंकी, सोनू कुमार सिंह, म.आर. निशा पाटोरिया । टीम को पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद द्वारा 10 हजार के पुरस्कार की घोषणा की है
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